कीरो ने लिखा है कि भारत में उन्हें कुछ ऐसे पंडितों के निकट पहुँचने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिनके पास सदियों पुराना गूढ़ ज्ञान संचित था - जिसे वे उतना ही पवित्र और पूजनीय मानते थे जितना वे अपने धार्मिक संस्कारों को l उनसे जो कुछ जानकारी और ज्ञान जो कीरो को प्राप्त हुआ उस पर उन्होंने सपरिश्रम अन्वेषण किया और अपने अनुभव कि कसौटी पर जांचा परखा l
the charts of natives are given in alphabetical order
उस वर्ष का पंचाग ले और ज्ञात किये गये समय- दिन तथा मास के पृष्ठ पर ग्रहीथ स्थिति दी गयी है I प्रायः आधुनिक पंचाग उस दिन के प्रातः ५:३० बजे ग्रहीय स्थिति दर्शाते है I वहाँ से सूर्य
तो वे क्रोधित ही उठी । उनके विकराल रूप को देखकर शिव भयभीत हो गए। वे भागे । लेकिन मती दशों दिशाओं में खडी हो गई । शिव ने जब उनसे पूछा कि वे कौन हैं
The system can be applied unfailingly in love
Parlok Vigyan [Hindi] ISBN:9789381484869 कीरो ने लिखा है कि; , , , ; ; , ; , ; ; ; , , ? ,